कितने पल ऐसे होते हैं जिसमें हम तिनके पर अटके हुए ओस की एक बूँद की तरह ख़ुद को महसूस करते हैं कि अपनापन की एक छुअन से टूट कर उन हथेलियों में ज़ज्ब हो जाएं
कैसा फील होता है जब एक दशक तक एक रिश्ते में रहने के बाद अचानक कोई सब खत्म की घोषणा कर देता है।कितना छोटा महसूस हो रहा
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