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Showing posts from January, 2024
आज मुझे पता चला कि कैसे कोई वो हो जाता है जो होने से उसे नफरत होती है।परिस्थिति कैसे उसे पूरी तरह बदल देती है।उसकी भाषा, उसका व्यवहार,प्रेम,संवेदना सब खत्म हो जाता है।

तेरे बिना जिंदगी.....

दो दिन हुए,मेरी सुबह नहीं हुई मेरा सूरज नहीं निकला रात लंबी होती जा रही सब कुछ कल्पना से परे है लेकिन हकीक़त तो है
इन दिनों जितनी हताशा और निराशा है शायद कभी नहीं थी।ऐसा महसूस हो रहा कि जीवन के हर जंग में हार ही मिली। ऐसा लगता है कि मेरे पास अब किसी को देने के लिए कड़वाहट,खीझ,गुस्सा, नफ़रत और शिकायतों के सिवा कुछ भी नहीं बचा हो।