किसी प्रियजन की मृत्यु का एक ख़याल भी दहला जाती है।पर मुझे मेरी मृत्यु की कल्पना बहुत रोमांचित करती है।कितना सुकून होगा।कितना आराम होगा?न कोई डर होगा,न कोई चिंता।न कोई अपना होगा न पराया।एक अनंत शून्य होगा जिसमें हम आज़ाद होंगे।
कैसा फील होता है जब एक दशक तक एक रिश्ते में रहने के बाद अचानक कोई सब खत्म की घोषणा कर देता है।कितना छोटा महसूस हो रहा
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